गुरुग्राम / लोकेश कुमार। देश के प्रमुख आईटी और कॉर्पोरेट हब के रूप में पहचाने जाने वाले साइबर सिटी गुरुग्राम में बुनियादी सुविधाओं की खस्ताहाली को लेकर जनआक्रोश और राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। शहर में हल्की सी बारिश होते ही सडक़ों का जलमग्न हो जाना, गहरे गड्ढे और ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम अब यहां के निवासियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन चुका है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय नेता विजय यादव शिकोहपुर ने मोर्चा खोलते हुए शासन-प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। विजय यादव ने गुरुग्राम की इस दुर्दशा के लिए स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही को सीधा जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की व्यवस्था संभालने के लिए रोहतक, सोनीपत और हिसार जैसे बाहरी जिलों से अधिकारियों को लाया जा रहा है, जिन्हें स्थानीय भौगोलिक स्थिति और जनसमस्याओं की सही समझ नहीं है। इस नाकाम प्रशासनिक व्यवस्था के कारण हर मानसून में आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम और जलभराव का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा अकेला राज्य सरकार के कुल राजस्व में लगभग 70 प्रतिशत का बड़ा योगदान देता है। यहां की जनता ने चुनाव में 100 प्रतिशत वोट देकर सरकार बनाने में अपनी मुख्य भूमिका निभाई है। इसके बावजूद, विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं के मामले में क्षेत्र के साथ लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण हरियाणा की इन सभी चिरलंबित समस्याओं का एकमात्र स्थाई समाधान यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री दक्षिण हरियाणा से ही होना चाहिए।
दक्षिण हरियाणा की समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए तो दक्षिण हरियाणा का बने मुख्यमंत्री : विजय यादव
07
Sep