
गुरुग्राम। सेक्टर 3, 5 और 6 में आवारा कुत्तों के झुंड के आतंक से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों पर कुत्तों के लगातार हो रहे हमलों के चलते इलाके में भय का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण कई बच्चे और बुजुर्ग अकेले घर से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। आरडब्ल्यूए के एक्स प्रेसिडेंट दिनेश वशिष्ठ ने बताया कि सेक्टर में बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर कुत्तों द्वारा हमला किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, बार-बार हमला करने वाले आक्रामक कुत्तों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार त्वरित कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी है। आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट तिलक राज अदलखा ने इस गंभीर मुद्दे पर नगर निगम को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने मांग की है कि लोगों पर हमला करने वाले आक्रामक कुत्तों को तुरंत चिन्हित कर नियमों के तहत पकड़ा जाए और अन्यत्र रिलोकेट किया जाए। सेक्टर में मौजूद अन्य आवारा कुत्तों का बड़े पैमाने पर स्टरलाइजेशन कराया जाए, जिससे उनकी बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। अदलखा ने डॉग लवर्स और स्थानीय निवासियों से भी संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पालतू कुत्तों को घुमाते समय हमेशा पट्टे का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलने दें। आवारा कुत्तों को गलियों या मुख्य गेटों पर मनमाने ढंग से खाना न खिलाया जाए। यदि कोई निवासी आवारा कुत्तों को भोजन देना चाहता है, तो वह इसके लिए आरडब्ल्यूए द्वारा निर्धारित किए गए निश्चित स्थान का ही उपयोग करे, ताकि आम नागरिकों की आवाजाही और सुरक्षा प्रभावित न हो। आरडब्ल्यूए ने एमसीजी प्रशासन से आग्रह किया है कि जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमलावर कुत्तों की पहचान, उनके रिलोकेशन और स्टरलाइजेशन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि सेक्टरवासियों को इस आतंक से राहत मिल सके।