Home, गुरुग्राम, राजनीति, हरियाणा

मुख्यमंत्री के गुरुग्राम विश्वविद्यालय दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं को घरों में नजरबंद करना लोकतंत्र पर हमला : वर्धन यादव

गुरुग्राम। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम विश्वविद्यालय दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को कथित रूप से उनके घरों में नजरबंद किए जाने को जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम ग्रामीण के अध्यक्ष वर्धन यादव ने बेहद निंदनीय, अलोकतांत्रिक और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।

कांग्रेस के अनुसार, मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे से पहले ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील यादव, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुबीर तंवर सहित अनेक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा उनके घरों से बाहर निकलने से रोका गया। पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल इसलिए की गई ताकि कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री के सामने गुरुग्राम की समस्याओं और जनता के सवालों को न उठा सकें।

वर्धन यादव ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की आवाज उठाना है। अगर मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विपक्षी दल के पदाधिकारियों को घरों में नजरबंद किया जा रहा है, तो यह सरकार की ताकत नहीं बल्कि उसके डर को दिखाता है। हम इस कार्रवाई की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के नागरिक लगातार जलभराव, टूटी सड़कों, ट्रैफिक जाम, सीवर व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर परेशान हैं। कांग्रेस इन्हीं जनहित के मुद्दों को लगातार उठा रही है। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकना चाहिए।

वर्धन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का किसी भी जिले में दौरा लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले विपक्ष के नेताओं को उनके घरों में रोक दिया जाए तो इससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं। “क्या सरकार को अपने ही प्रदेश के नागरिकों और विपक्ष के सवालों से इतना डर लगने लगा है कि मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले कांग्रेस नेताओं को घरों में बंद करना पड़ रहा है?” उन्होंने सवाल किया।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना और सरकार के सामने जनसमस्याएं रखना लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन केवल राजनीतिक असहमति या संभावित विरोध के आधार पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाना उचित नहीं है।

वर्धन यादव ने कहा, “ब्लॉक अध्यक्ष भाई सुनील यादव जी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव जी, प्रदेश प्रवक्ता सुबीर तंवर जी तथा जिन भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आज रोका गया, पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। किसी कार्यकर्ता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से गुरुग्राम की जनता के मुद्दे उठाता रहेगा। प्रशासनिक दबाव, नजरबंदी या किसी अन्य कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले को कमजोर नहीं किया जा सकता।

जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम ग्रामीण ने प्रशासन से मांग की कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगाई गई सभी अनुचित पाबंदियां तत्काल हटाई जाएं तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के उनके अधिकार का सम्मान किया जाए।

“सरकार याद रखे—लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है। जनता की आवाज को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस गुरुग्राम की जनता, युवाओं और विद्यार्थियों के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *