गुरुग्राम: अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई के लिए चर्चा में रहने वाले गुरुग्राम के जिला नगर योजनाकार (DTP) आर.एस. बाठ पर हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत समय पर व नियमानुसार जानकारी उपलब्ध न कराने तथा आयोग की सुनवाई में अनुपस्थित रहने के मामले में अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सुरा ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि आर.एस. बाठ को ‘हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान’ (HIPA) या किसी अन्य उपयुक्त संस्थान में RTI नियमों से संबंधित प्रशिक्षण दिलाया जाए।
4 साल पुराना मामला
यह आदेश भारत जैन द्वारा 4 जनवरी 2022 को दाखिल RTI याचिका पर आया है। याचिकाकर्ता ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के विभिन्न नियमों, नीतियों और 2007 से 2016 के बीच स्वीकृत समूह आवासीय परियोजनाओं के कब्जा प्रमाण पत्रों से जुड़ी बिंदुवार जानकारी मांगी थी।
वेबसाइट का हवाला देना पर्याप्त नहीं
आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारी ने तर्क दिया था कि नियम और नीतियां वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस पर आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि केवल वेबसाइट का हवाला देकर जन सूचना अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। यदि मांगी गई सूचना लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध है, तो आवेदक को बिंदुवार जानकारी देना अनिवार्य है।
सुनवाई में अनुपस्थिति और प्रशिक्षण की सिफारिश
आयोग ने पाया कि अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे बार-बार सुनवाई में अनुपस्थित रहे। RTI कानून की अवहेलना को देखते हुए आयोग ने न केवल जुर्माना लगाया, बल्कि अधिकारी को प्रशासनिक प्रशिक्षण (Training) दिलाने की भी सिफारिश की।